सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
विवाहं विधिवत्तस्मै कारयामास पार्थिवः / सचाप्यानन्दयामास स्वगुणैः सुहृदो ऽखिलान्
vivāhaṃ vidhivattasmai kārayāmāsa pārthivaḥ / sacāpyānandayāmāsa svaguṇaiḥ suhṛdo 'khilān
उसके लिए उस नरेश ने विधिपूर्वक विवाह कराया; और वह भी अपने सद्गुणों से समस्त सुहृदों को आनंदित करता रहा।