सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
गर्भालाबुरयं राजन्न त्यक्तुं भवतार्हति / पुत्राणां षष्टिसाहस्रबीजभूतो यतस्तव
garbhālāburayaṃ rājanna tyaktuṃ bhavatārhati / putrāṇāṃ ṣaṣṭisāhasrabījabhūto yatastava
हे राजन्, इस गर्भालाब को आपको त्यागना नहीं चाहिए, क्योंकि यही आपके साठ हजार पुत्रों का बीज-कारण है।