सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
ववृधे च तयोर्गर्भः शुक्लपक्षे यथोडुराट् / सह संतोषसंपत्त्या पित्रोः पौरजनस्य च
vavṛdhe ca tayorgarbhaḥ śuklapakṣe yathoḍurāṭ / saha saṃtoṣasaṃpattyā pitroḥ paurajanasya ca
उन दोनों का गर्भ शुक्लपक्ष के चंद्रमा की भाँति बढ़ने लगा; माता-पिता और नगरवासियों की संतोष-समृद्धि भी साथ-साथ बढ़ी।