सगरस्यौर्वाश्रमगमनम्
Sagara’s Journey to Aurva’s Hermitage
सृगाला गवयागावो हरिणा महिषास्तथा / वने ऽत्र सहजं वैरं हित्वा मैत्रीमुपागताः
sṛgālā gavayāgāvo hariṇā mahiṣāstathā / vane 'tra sahajaṃ vairaṃ hitvā maitrīmupāgatāḥ
इस वन में सियार, गवय, गाय, हरिण और महिष—सबने अपना सहज वैर त्यागकर मैत्री को प्राप्त कर लिया है।