सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
अर्घ्यपाद्यादिभिः सम्यक्पूजयित्वा महामुनिः / आतिथ्येन च वन्येन सभार्यं तमतोषयत्
arghyapādyādibhiḥ samyakpūjayitvā mahāmuniḥ / ātithyena ca vanyena sabhāryaṃ tamatoṣayat
महामुनि ने अर्घ्य, पाद्य आदि से विधिवत् पूजन कर, वन्य आतिथ्य से राजा को उसकी रानियों सहित संतुष्ट किया।