सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
सरः स्वंबुज कह्लारकुमुदोत्पलराशिषु / शनैः परिवहन्मन्दमारुतापूर्णदिङ्मुखम्
saraḥ svaṃbuja kahlārakumudotpalarāśiṣu / śanaiḥ parivahanmandamārutāpūrṇadiṅmukham
वह सरोवर अपने कमल, कह्लार, कुमुद और उत्पल के समूहों पर मंद पवन को धीरे-धीरे बहाता हुआ, चारों दिशाओं को सुगंधित व शीतल कर रहा था।