सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
सेवागतनरेद्रौघविनिकीर्णैः समन्ततः / रत्नैर्भाति सभा तस्य गुहा सोमे रवी यथा
sevāgatanaredraughavinikīrṇaiḥ samantataḥ / ratnairbhāti sabhā tasya guhā some ravī yathā
सेवा हेतु आए राजसमूह द्वारा चारों ओर बिखेरे गए रत्नों से उसकी सभा ऐसी चमकती है, जैसे गुफा में चन्द्रमा और सूर्य का प्रकाश।