सगरदिग्विजयः
Sagara’s World-Conquest / Digvijaya
परापवादभीताश्च स्वदाररतयो ऽनिशम् / निसर्गात्खलसंसर्गविरता धर्मतत्पराः
parāpavādabhītāśca svadāraratayo 'niśam / nisargātkhalasaṃsargaviratā dharmatatparāḥ
वे परनिंदा के भय से दूर रहते, अपने ही धर्मपत्नी में निरंतर अनुरक्त थे; स्वभाव से दुष्ट-संग से विरत और धर्म में तत्पर थे।