हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
ध्रुवे तु सप्तमश्चैव वातस्कन्धाश्चसप्त ये / तानेते विचरन्त्वद्य कालेकाले ममात्मजाः
dhruve tu saptamaścaiva vātaskandhāścasapta ye / tānete vicarantvadya kālekāle mamātmajāḥ
सातवाँ ध्रुव में है; और जो ये सात वायु-स्कन्ध हैं—वे सब आज से मेरे पुत्र समय-समय पर विचरें।