हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
रुरोद सुस्वरं भीमं वेपमानः पुनः पुनः / मारोद मारोद इति गर्भं शक्रो ऽभ्यभाषत
ruroda susvaraṃ bhīmaṃ vepamānaḥ punaḥ punaḥ / māroda māroda iti garbhaṃ śakro 'bhyabhāṣata
वह गर्भ बार-बार कांपते हुए भयानक स्वर में रोने लगा। तब इंद्र ने गर्भ से कहा, 'मा रोद' (मत रोओ), 'मा रोद' (मत रोओ)।