हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
जनयिष्यसि पुत्रं त्वं शक्रहन्तारमाहवे / पूर्णं वर्षसहस्रं तु शुचिर्यदि भविष्यसि
janayiṣyasi putraṃ tvaṃ śakrahantāramāhave / pūrṇaṃ varṣasahasraṃ tu śuciryadi bhaviṣyasi
“यदि तुम पूरे एक हजार वर्ष तक पवित्र रहोगी, तो तुम युद्ध में इन्द्र का संहार करने वाला पुत्र उत्पन्न करोगी।”