हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
तां कश्यपः प्रसन्नात्मा सम्यगाराधितस्त्वथ / वरेण छन्दयामास सा च वव्रे वरं तत
tāṃ kaśyapaḥ prasannātmā samyagārādhitastvatha / vareṇa chandayāmāsa sā ca vavre varaṃ tata
तब सम्यक् आराधित होकर प्रसन्नचित्त कश्यप ने उसे वर माँगने को कहा; और उसने तब एक वर का वरण किया।