हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
सौत्ये ऽहन्यतिरा त्रस्य कश्यपस्याश्वमेधिकाः / हिरण्यकशिपुर्नाम प्रथितं पृथगासनम्
sautye 'hanyatirā trasya kaśyapasyāśvamedhikāḥ / hiraṇyakaśipurnāma prathitaṃ pṛthagāsanam
सूत के यज्ञ-दिवस में कश्यप के अश्वमेध के अनुष्ठान चल रहे थे; उसी समय ‘हिरण्यकशिपु’ नामक प्रसिद्ध पृथक् आसन प्रकट हुआ।