हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
ब्रह्मोवाच / महानयं वरस्तात वृतो दितिसुत त्वया / एही दानीं प्रतिज्ञानं भविष्यत्येवमेव तु
brahmovāca / mahānayaṃ varastāta vṛto ditisuta tvayā / ehī dānīṃ pratijñānaṃ bhaviṣyatyevameva tu
ब्रह्मा बोले—हे दिति-पुत्र, तुमने महान वर माँगा है। अब आओ; तुम्हारी प्रतिज्ञा निश्चय ही इसी प्रकार पूर्ण होगी।