हिरण्यकशिपुजन्म-तपः-वरप्रभावः
Birth, Austerity, and Boon-Power of Hiraṇyakaśipu
कृत्वा चैतानि नामानि दितिरिन्द्रमुवाच ह / वातस्कन्धांश्चरन्त्वेते भ्रतरो मम पुत्रकाः
kṛtvā caitāni nāmāni ditirindramuvāca ha / vātaskandhāṃścarantvete bhrataro mama putrakāḥ
ये नाम निर्धारित करके दिति ने इन्द्र से कहा—ये मेरे पुत्र, परस्पर भाई, वायु-समूहों के रूप में विचरें।