Vasiṣṭha-gamana
Vasiṣṭha’s Departure / The Episode of Sagara
नानावादित्रघोषाहतपटहरवाकर्णनध्वस्तधैर्याः सद्यः संत्यक्तराज्यस्वबलपुरपुरन्ध्रीसमूहा विमूढाः / कांबोजास्तालजङ्घाः शकयवनकिरातादयः साकमेते भ्रेमुर्भूर्यस्त्रभीत्या दिशि दिशि रिपवो यस्य पूर्वापराधाः
nānāvāditraghoṣāhatapaṭaharavākarṇanadhvastadhairyāḥ sadyaḥ saṃtyaktarājyasvabalapurapurandhrīsamūhā vimūḍhāḥ / kāṃbojāstālajaṅghāḥ śakayavanakirātādayaḥ sākamete bhremurbhūryastrabhītyā diśi diśi ripavo yasya pūrvāparādhāḥ
नाना वाद्यों के घोष और पटह-नाद को सुनकर जिनका धैर्य टूट गया, वे मूढ़ शत्रु तुरंत ही राज्य, सेना, नगर और स्त्रियों के समूह छोड़कर भाग खड़े हुए। कांबोज, तालजंघ, शक, यवन, किरात आदि—ये सब, जिनके पूर्व अपराध थे, बहुत-से अस्त्रों के भय से दिशादिशि भटकने लगे।