Samantapañcaka at Kurukṣetra: Paraśurāma’s Tīrtha-Creation and Pitṛ-Rites (समन्तपञ्चक-तीर्थप्रशंसा)
पुत्रैः सवीतिहोत्राद्यैर्हैहयाद्यैश्च राजभिः / कालं महान्तमवसद्धिमाद्रिवानगह्वरे
putraiḥ savītihotrādyairhaihayādyaiśca rājabhiḥ / kālaṃ mahāntamavasaddhimādrivānagahvare
वीतिहोत्र आदि पुत्रों तथा हैहय आदि राजाओं के साथ वह हिमालय के वन-गह्वर में बहुत काल तक निवास करता रहा।