Jamadagni-Āśrama-Ākramaṇa (Attack on Jamadagni’s Hermitage) / जमदग्न्याश्रमाक्रमणम्
ते प्रविश्य महारण्यं हत्वा बहुविधान्मृगान् / जग्मुस्तृषार्त्ता मध्याह्ने सरितं नर्मदामनु
te praviśya mahāraṇyaṃ hatvā bahuvidhānmṛgān / jagmustṛṣārttā madhyāhne saritaṃ narmadāmanu
वे महान वन में प्रवेश कर अनेक प्रकार के मृगों को मारकर, प्यास से व्याकुल होकर दोपहर में नर्मदा नदी के पास पहुँचे।