Jamadagni-Āśrama-Ākramaṇa (Attack on Jamadagni’s Hermitage) / जमदग्न्याश्रमाक्रमणम्
सांत्व्यमाना मुनिगणैर्जामदग्न्या यथाविधि / आधक्षुर्वचसा तेषामग्नौ पित्रोः कलेवरे
sāṃtvyamānā munigaṇairjāmadagnyā yathāvidhi / ādhakṣurvacasā teṣāmagnau pitroḥ kalevare
मुनिगणों द्वारा यथाविधि सांत्वना पाकर जामदग्न्य वंश की वे कन्याएँ/पुत्रियाँ, उनके वचनों के अनुसार, माता-पिता के शरीरों को अग्नि में दग्ध करने लगीं।