Jamadagni-Āśrama-Ākramaṇa (Attack on Jamadagni’s Hermitage) / जमदग्न्याश्रमाक्रमणम्
पुत्रास्तस्य महात्मानौ दृष्ट्वा स्वपितरं हतम् / परिवार्य महाराज रुरुदुः शोककर्शिताः
putrāstasya mahātmānau dṛṣṭvā svapitaraṃ hatam / parivārya mahārāja ruruduḥ śokakarśitāḥ
हे महाराज! अपने पिता को मृत देखकर उनके महात्मा पुत्रों ने उन्हें घेर लिया और शोक से व्याकुल होकर रोने लगे।