गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
शिवस्य हृदये विष्णुर्भवत्या रूपमास्थितः / मम रूपं समास्थाय विष्णोश्च हृदये शिवः
śivasya hṛdaye viṣṇurbhavatyā rūpamāsthitaḥ / mama rūpaṃ samāsthāya viṣṇośca hṛdaye śivaḥ
शिव के हृदय में विष्णु देवी के रूप में स्थित हैं; और मेरे रूप को धारण कर विष्णु के हृदय में शिव विराजते हैं।