गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
एवं तवास्य पुत्रस्य संति नामानि पार्वति / स्मरणात्पापहारीणि त्रिकालानुगतान्यपि
evaṃ tavāsya putrasya saṃti nāmāni pārvati / smaraṇātpāpahārīṇi trikālānugatānyapi
हे पार्वती, इस प्रकार तुम्हारे इस पुत्र के अनेक नाम हैं; उनका स्मरण त्रिकाल के पापों को भी हर लेता है।