गणेश-एकदन्त-उत्पत्तिः (Origin of Gaṇeśa’s Single Tusk) / Bhārgava–Gaṇeśa Encounter
पार्वत्युवाच अयं ते भार्गवः शंभो शिष्यः पुत्रः समो ऽभवत् / त्वत्तोलब्ध्वा परं तेजो वर्म त्रैलोक्यजिद्विभो
pārvatyuvāca ayaṃ te bhārgavaḥ śaṃbho śiṣyaḥ putraḥ samo 'bhavat / tvattolabdhvā paraṃ tejo varma trailokyajidvibho
पार्वती ने कहा: हे शंभु! यह भार्गव (परशुराम) आपका शिष्य होकर भी पुत्र के समान हो गया है। हे विभु! आपसे परम तेज और कवच प्राप्त करके यह तीनों लोकों को जीतने वाला बन गया है।