Agastyopadeśa: Viṣṇupada-stava-sādhanā and Paraśurāma’s Darśana of Hari
गमिष्यामि महाभाग जनकस्य पुर महत् / तत्रेशचापं निर्भज्य परिणीय विदेहजाम्
gamiṣyāmi mahābhāga janakasya pura mahat / tatreśacāpaṃ nirbhajya pariṇīya videhajām
हे महाभाग! मैं जनक के महान नगर जाऊँगा; वहाँ शिवधनुष को तोड़कर विदेहकन्या सीता का पाणिग्रहण करूँगा।