Agastyopadeśa: Viṣṇupada-stava-sādhanā and Paraśurāma’s Darśana of Hari
कौस्तुभोद्भासितोरस्कः पीतवासा धनप्रभः / मुरलीवादनपरः साक्षान्मोहनरूपधृक्
kaustubhodbhāsitoraskaḥ pītavāsā dhanaprabhaḥ / muralīvādanaparaḥ sākṣānmohanarūpadhṛk
कौस्तुभ मणि से उनका वक्ष स्थल दमक रहा था; पीताम्बर धारण किए वे धन-सी प्रभा वाले थे; मुरली-वादन में तत्पर, साक्षात् मोहन-रूप धारण किए थे।