Agastya’s Instruction on Bhakti and Mantra-Siddhi; Descent to Pātāla and the Hearing of Vaiṣṇavī Kathā
वसुदेवात्मजः पुण्यो लीलामानुषविग्रहः / श्रीवत्सकौस्तभधरो यशोदावत्सलो हरिः
vasudevātmajaḥ puṇyo līlāmānuṣavigrahaḥ / śrīvatsakaustabhadharo yaśodāvatsalo hariḥ
वे वसुदेव के पुत्र, परम पवित्र, लीला हेतु मानुष-रूप धारण करने वाले हैं। श्रीवत्स और कौस्तुभ धारण करने वाले, यशोदा के प्रति वात्सल्यपूर्ण हरि हैं।