Kārttavīrya–Paraśurāma-saṅgrāma-kathā
Sagara’s Inquiry and Vasiṣṭha’s Account
रामेण भार्गवेन्द्रेण कार्त्तवीर्यो नृपो गुरो / यथा समापितो वीरस्तन्मे विस्तरतो वद
rāmeṇa bhārgavendreṇa kārttavīryo nṛpo guro / yathā samāpito vīrastanme vistarato vada
हे गुरो, भृगुवंशी श्रेष्ठ राम ने राजा कार्त्तवीर्य वीर को जिस प्रकार समाप्त किया, वह मुझे विस्तार से कहिए।