Trailokya-vijaya Kavacha (Śrī Kṛṣṇa-kavaca) — त्रैलोक्यविजयकवचम्
गुरुमभ्यर्च्य विधिवत्कवचं धारयेत्तु यः / कण्ठे वा दक्षिणे बाहौ सो ऽपि विष्णुर्न संशयः
gurumabhyarcya vidhivatkavacaṃ dhārayettu yaḥ / kaṇṭhe vā dakṣiṇe bāhau so 'pi viṣṇurna saṃśayaḥ
जो विधिपूर्वक गुरु की पूजा करके कवच को कंठ में या दाहिने भुजा पर धारण करता है, वह भी विष्णु-स्वरूप है—इसमें संदेह नहीं।