Rāma’s Stuti of Śiva (Śarva) and the Theophany of the Three‑Eyed Lord
केन वायं निहन्तुं मामुद्यतो भस्मसात्कृतः / तरक्षुर्भीषणाकारः साक्षान्मृत्युरिवापरः
kena vāyaṃ nihantuṃ māmudyato bhasmasātkṛtaḥ / tarakṣurbhīṣaṇākāraḥ sākṣānmṛtyurivāparaḥ
किसके द्वारा यह, जो मुझे मारने को उद्यत था, भस्म कर दिया गया? यह भयानक रूप वाला तरक्षु तो मानो साक्षात् दूसरा मृत्यु ही है।