Rāma’s Stuti of Śiva (Śarva) and the Theophany of the Three‑Eyed Lord
व्याघ्रेणानुद्रुतः सो ऽपि पलायन्वनगह्वरे / निपपात द्विजसुतस्त्रस्तः प्राणभयातुरः
vyāghreṇānudrutaḥ so 'pi palāyanvanagahvare / nipapāta dvijasutastrastaḥ prāṇabhayāturaḥ
बाघ से पीछा किया गया वह द्विजपुत्र भी वन की गुफाओं-सी घाटियों में भागता हुआ, प्राणभय से व्याकुल होकर गिर पड़ा।