Rāma’s Stuti of Śiva (Śarva) and the Theophany of the Three‑Eyed Lord
महादेवाय मह ते नमस्ते कृत्तिवाससे / योगिध्येयस्वरूपाय शिवायाचिन्त्यतेजसे
mahādevāya maha te namaste kṛttivāsase / yogidhyeyasvarūpāya śivāyācintyatejase
महादेव! आपको बार-बार नमस्कार; चर्मवस्त्र धारण करने वाले को नमः। योगियों के ध्यान-गम्य स्वरूप, अचिन्त्य तेज वाले शिव को प्रणाम।