Jāmadagnya-Rāmasya Tapaścaraṇam
The Austerities of Rama Jamadagnya
शरीरत्राणकारुण्यात्समीपं नोपसर्पसि / यथा त्वं कण्टकादीनामसहिष्णुतया व्यथाम्
śarīratrāṇakāruṇyātsamīpaṃ nopasarpasi / yathā tvaṃ kaṇṭakādīnāmasahiṣṇutayā vyathām
जैसे तुम अपने शरीर की रक्षा की दया (मोह) के कारण कांटों आदि के पास नहीं जाते, क्योंकि तुम उनकी पीड़ा को सहन नहीं कर सकते...