रामस्य हिमवद्गमनम्
Rama’s Journey to Himavat
नानावर्णोत्तरासंगावृत्ताङ्ग इवल्क्ष्यते / चन्दनागुरुकर्पूरकस्तूरीकुङ्कुमादिभिः
nānāvarṇottarāsaṃgāvṛttāṅga ivalkṣyate / candanāgurukarpūrakastūrīkuṅkumādibhiḥ
वह चन्दन, अगुरु, कपूर, कस्तूरी और कुंकुम आदि के विविध रंगों के लेप से मानो अनेक वर्णों से आच्छादित अंगों वाला दिखाई देता है।