रामस्य हिमवद्गमनम्
Rama’s Journey to Himavat
आरुरोह भगुश्रेष्ठस्तरसा तं मुदान्वितः / तस्य प्रविश्य गहनं वनं रामो महामनाः
āruroha bhaguśreṣṭhastarasā taṃ mudānvitaḥ / tasya praviśya gahanaṃ vanaṃ rāmo mahāmanāḥ
तब भृगुवंश-श्रेष्ठ (राम) हर्ष से परिपूर्ण होकर वेग से उस पर्वत पर चढ़े; और महात्मा राम उसके घने वन में प्रवेश कर गए।