रामस्य हिमवद्गमनम्
Rama’s Journey to Himavat
नानापुष्पासवोन्माद्यद्भृङ्गसंगीतनादितम् / अनेकविहगारावबधिरीकृतकाननम्
nānāpuṣpāsavonmādyadbhṛṅgasaṃgītanāditam / anekavihagārāvabadhirīkṛtakānanam
नाना पुष्प-रस से उन्मत्त भौंरों के संगीत से वह गूँज उठा था; अनेक पक्षियों के कलरव ने उस कानन को मानो बधिर-सा कर दिया था।