Nakṣatra-Śrāddha (Ancestral Rites Connected with Asterisms) — नक्षत्रश्राद्धम्
प्रोक्तः सनत्कुमारेण महातो ब्रह्मणः पदम् / देवानां परमं गुह्यमृषीणां च परायणम्
proktaḥ sanatkumāreṇa mahāto brahmaṇaḥ padam / devānāṃ paramaṃ guhyamṛṣīṇāṃ ca parāyaṇam
सनत्कुमार ने महान् ब्रह्म का वह पद बताया—जो देवताओं का परम रहस्य है और ऋषियों का परम आश्रय।