Nakṣatra-Śrāddha (Ancestral Rites Connected with Asterisms) — नक्षत्रश्राद्धम्
तिलैर्व्रीहियवैमाषैरद्भिर्मूलफलैस्तथा / दत्तेन मासं प्रीयन्ते श्राद्धेन हि पितामहाः
tilairvrīhiyavaimāṣairadbhirmūlaphalaistathā / dattena māsaṃ prīyante śrāddhena hi pitāmahāḥ
तिल, चावल, जौ, उड़द, जल तथा मूल-फल आदि से किया गया श्राद्ध देने पर पितामह (पितर) एक मास तक प्रसन्न रहते हैं।