Aṣṭakā-Śrāddha Vidhi and Dāna-Praśaṃsā
Observances in the Dark Fortnight and Praise of Giving
प्रत्यक्षमर्चितास्तेन भवन्ति पितरस्तदा / पितृदवा मघा यस्मात्तस्मात्तास्वक्षयं स्मृतम्
pratyakṣamarcitāstena bhavanti pitarastadā / pitṛdavā maghā yasmāttasmāttāsvakṣayaṃ smṛtam
उससे उस समय पितर प्रत्यक्ष रूप से पूजित हो जाते हैं। क्योंकि मघा ‘पितृदवा’ कही गई है, इसलिए उन (तिथियों/नक्षत्रों) में किया गया श्राद्ध अक्षय फल देने वाला माना गया है।