Aṣṭakā-Śrāddha Vidhi and Dāna-Praśaṃsā
Observances in the Dark Fortnight and Praise of Giving
दीर्घमायुरथैश्वर्यं कुर्वाणस्तु त्रयोदशीम् / युवानश्च गृहे यस्य मृतास्तेभ्यः प्रदापयेत्
dīrghamāyurathaiśvaryaṃ kurvāṇastu trayodaśīm / yuvānaśca gṛhe yasya mṛtāstebhyaḥ pradāpayet
त्रयोदशी को श्राद्ध करने वाला दीर्घायु और ऐश्वर्य पाता है; जिसके घर में युवा अवस्था में मृत्यु हुई हो, वह उनके निमित्त दान अवश्य कराए।