Śrāddha-kalpa: Dāna-phala-nirdeśa
Gifts in Śrāddha and Their Fruits
वशे तिष्ठन्ति भूतानि लोके चास्मिन्निरामयम् / कौशेयं क्षौमकार्पासं दुकूलं गहनं तथा
vaśe tiṣṭhanti bhūtāni loke cāsminnirāmayam / kauśeyaṃ kṣaumakārpāsaṃ dukūlaṃ gahanaṃ tathā
भूत (प्राणी) उसके वश में रहते हैं और इस लोक में वह निरामय (रोगरहित) रहता है। उसे कौशेय, क्षौम, कार्पास, दुकूल और गहन (उत्तम) वस्त्र भी मिलते हैं।