Śrāddha-kalpa: Dāna-phala, Medhya/Amedhya Dravya, and Uparāga
Eclipse) Observances (श्राद्धकल्पः—दानफल-मेध्यामेध्य-उपरागविधिः
गत्वा देशानपुण्यांस्तु कृत्स्नं पापं समश्नुते / आरुह्य भृगुतुङ्गं तु गत्वा पुण्यां सरस्वतीम्
gatvā deśānapuṇyāṃstu kṛtsnaṃ pāpaṃ samaśnute / āruhya bhṛgutuṅgaṃ tu gatvā puṇyāṃ sarasvatīm
अपुण्य देशों में जाकर मनुष्य समस्त पाप का भागी होता है; पर भृगुतुंग पर चढ़कर पुण्यस्वरूपा सरस्वती के पास जाने से पवित्रता प्राप्त होती है।