Śrāddha-kalpa: Dāna-phala, Medhya/Amedhya Dravya, and Uparāga
Eclipse) Observances (श्राद्धकल्पः—दानफल-मेध्यामेध्य-उपरागविधिः
जिह्वया चैव संस्वृश्य देतासक्तं तथैव च / सशब्दमेगुलीभिर्वा पतितं वा विलोकयन्
jihvayā caiva saṃsvṛśya detāsaktaṃ tathaiva ca / saśabdamegulībhirvā patitaṃ vā vilokayan
जीभ से स्पर्श करने पर, वीर्य में आसक्त होने पर, उँगलियों की चटख/शब्द के साथ (अशिष्ट) करने पर, या गिरे हुए को देखते रहने पर भी शुद्धि का विधान है।