Śrāddha-kalpa: Amarakantaka–Tīrtha-Māhātmya and Akṣaya Pitṛ-Tarpaṇa
देयमोङ्कारपवने श्राद्धमक्षयमिच्छता / शक्रावतारे गङ्गायां मैनाके च नगोत्तमे
deyamoṅkārapavane śrāddhamakṣayamicchatā / śakrāvatāre gaṅgāyāṃ maināke ca nagottame
जो अक्षय फल वाला श्राद्ध चाहता है, उसे ओंकारपवन में श्राद्ध देना चाहिए; तथा गंगा के शक्रावतार-तीर्थ और श्रेष्ठ पर्वत मैनाक में भी।