Śrāddha-kalpa: Amarakantaka–Tīrtha-Māhātmya and Akṣaya Pitṛ-Tarpaṇa
प्रायशो मद्रवा पुण्या शिवो नाम ह्रदस्तथा / तत्र व्याससरः पुण्यं दिव्यो ब्रह्मह्रदस्तथा
prāyaśo madravā puṇyā śivo nāma hradastathā / tatra vyāsasaraḥ puṇyaṃ divyo brahmahradastathā
प्रायः मद्रवा नामक पुण्यभूमि है और ‘शिव’ नाम का एक ह्रद भी है। वहाँ ‘व्यास-सरोवर’ पवित्र है और दिव्य ‘ब्रह्म-ह्रद’ भी है।