Śrāddha-kalpa: Amarakantaka–Tīrtha-Māhātmya and Akṣaya Pitṛ-Tarpaṇa
सप्तगोदावरे चैव गोकर्णे च तपोवने / अश्वमेधफलं स्नात्वा तत्र दत्त्वा भवेत्ततः
saptagodāvare caiva gokarṇe ca tapovane / aśvamedhaphalaṃ snātvā tatra dattvā bhavettataḥ
सप्तगोदावरी तथा गोकर्ण के तपोवन में स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ का फल मिलता है; और वहाँ दान करने से उससे भी उत्तम फल होता है।