Śrāddha-kalpa: Amarakantaka–Tīrtha-Māhātmya and Akṣaya Pitṛ-Tarpaṇa
अल्पेन तपसा सिद्धिं गमिष्यन्ति न संशयः / सकृदेवार्चितास्तत्र स्वर्गमामरकण्टके
alpena tapasā siddhiṃ gamiṣyanti na saṃśayaḥ / sakṛdevārcitāstatra svargamāmarakaṇṭake
अल्प तप से ही वे सिद्धि को प्राप्त होंगे—इसमें संशय नहीं। अमरकण्टक में वहाँ एक बार भी देव-पूजन करने से स्वर्ग की प्राप्ति होती है।