श्राद्धकल्पे पितृदेवपूजाक्रमः (Śrāddhakalpa: Order of Pitṛ and Deva Worship)
श्राद्धे ऽस्माकं भवेदंशो ह्येष नः काङ्क्षितो वरः / प्रत्युवाच ततो ब्रह्मा तान्वै त्रिदशपूजितः
śrāddhe 'smākaṃ bhavedaṃśo hyeṣa naḥ kāṅkṣito varaḥ / pratyuvāca tato brahmā tānvai tridaśapūjitaḥ
उन्होंने कहा—“श्राद्ध में हमारा भी अंश हो; यही हमारा वांछित वर है।” तब देवों से पूजित ब्रह्मा ने उन्हें उत्तर दिया।