Pitṛgaṇa-Vibhāga (Classification of the Pitṛs) and the Śrāddha–Soma Nourishment Cycle
श्रीमान्व्यासो महायोगी योगस्तस्मिन्द्विजोत्तमाः / व्यासादरण्यां संभूतो विधूम इव पावकः
śrīmānvyāso mahāyogī yogastasmindvijottamāḥ / vyāsādaraṇyāṃ saṃbhūto vidhūma iva pāvakaḥ
श्रीमान महायोगी व्यास—हे द्विजोत्तमो—उसी में योग प्रतिष्ठित था। व्यास से अरण्य में वह धूमरहित अग्नि के समान प्रकट हुआ।