Pitṛgaṇa-Vibhāga (Classification of the Pitṛs) and the Śrāddha–Soma Nourishment Cycle
विरजानाम ते लोका दिवि रोचन्ति ते गणाः / अग्निष्वात्ताः स्मृतास्तत्र पितरो भास्करप्रभाः पुलहस्य प्रजापतेः / एतेषां मानसी कन्या पीवरी नाम विश्रुता
virajānāma te lokā divi rocanti te gaṇāḥ / agniṣvāttāḥ smṛtāstatra pitaro bhāskaraprabhāḥ pulahasya prajāpateḥ / eteṣāṃ mānasī kanyā pīvarī nāma viśrutā
विरजा नामक वे लोक स्वर्ग में दीप्तिमान हैं, और वहाँ के वे गण चमकते हैं। वहाँ अग्निष्वात्त पितर स्मरण किए जाते हैं, जो सूर्य-प्रभा के समान हैं, प्रजापति पुलह के। उन सबकी मानस कन्या ‘पीवरी’ नाम से प्रसिद्ध है।