Pitṛgaṇa-Vibhāga (Classification of the Pitṛs) and the Śrāddha–Soma Nourishment Cycle
सा त्वन्यं पितरं वव्रे तानतिक्रम्य वै पितॄन् / अमावसुमिति ख्यातमैलपुत्रं नभश्चरम्
sā tvanyaṃ pitaraṃ vavre tānatikramya vai pitṝn / amāvasumiti khyātamailaputraṃ nabhaścaram
उसने उन पितरों को छोड़कर दूसरे पिता का वरण किया—‘अमावसु’ नाम से प्रसिद्ध, ऐल का पुत्र, आकाश में विचरण करने वाला।